आज दोपहर में खाना खाते समय देखा कि किस तरह बाबा रामदेव को पकड़ने के लिये Police ने अमानवीयता का प्रमाण देते हुये महिलाओं और बच्चों पर कहर ढाते हुये कइयों को घायल किया. काले धन को लेकर कई दिनों से बाबा ने सत्याग्रह की घोषणा कर रखी थी और सरकार को डर था कि कहीं अन्ना की तरह बाबा की बातें भी न माननी पड़ें और इसमें कांग्रेस के नेता ही ज्यादा फंसेंगे, तो एक ही समाधान था - बाबा की गिरफ़्तारी. दिन में गिरफ़्तारी करना तो बाबा के लिये राजनीतिक लाभ बन जाता सो दिन के बज़ाय रात का समय चुना गया और जब रात २.०० बजे बाबा और उनके समर्थक सो रहे थे, बर्बरता से सोते लोगों को घायल करते हुये Police ने बाबा को पकड़ कर हरिद्वार भेज दिया.
एक महिला और कुछ बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गये. कांग्रेस के लोकतंत्र में बाबा को पकड़ने में हुई इस हानि का जिम्मेदार कौन है? कांग्रेस के लोकतंत्र में तो मरने वालों की कोई खबर भी नहीं लेता... ... (संत)मनमोहन सिंह ने २० साल बाद सिखों से माफी मांगी थी. लेकिन अभी तो घायलों में से कोई भी नहीं मरा तो उनकी भी जरूरत नहीं है.
अब भाजपा के मूर्ख नेतागण (संत)मनमोहन सिंह आदि पर इसकी जिम्मेदारी डाल रहे हैं. वैसे (संत)मनमोहन सिंह कह सकते हैं कि उन्हें सूचना नहीं दी गयी, घटना के समय वो सो रहे थे.
----------------------------------------------------------------------------------------------- कोई भी मूल्य एवं संस्कृति तब तक जीवित नहीं रह सकती जब तक वह आचरण में नहीं है.
एक महिला और कुछ बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गये. कांग्रेस के लोकतंत्र में बाबा को पकड़ने में हुई इस हानि का जिम्मेदार कौन है? कांग्रेस के लोकतंत्र में तो मरने वालों की कोई खबर भी नहीं लेता... ... (संत)मनमोहन सिंह ने २० साल बाद सिखों से माफी मांगी थी. लेकिन अभी तो घायलों में से कोई भी नहीं मरा तो उनकी भी जरूरत नहीं है.
अब भाजपा के मूर्ख नेतागण (संत)मनमोहन सिंह आदि पर इसकी जिम्मेदारी डाल रहे हैं. वैसे (संत)मनमोहन सिंह कह सकते हैं कि उन्हें सूचना नहीं दी गयी, घटना के समय वो सो रहे थे.
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